खरगोन- प्रत्येक मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई की कड़ी में 01 जुलाई को कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इसमें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आकाश सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती रेखा राठौर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती हेमलता सोलंकी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री प्रताप कुमार आगास्या ने अन्य अधिकारियों के साथ आवेदकों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनका त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में 112 आवेदक अपनी समस्याएं लेकर आए थे।
जनसुनवाई में ग्राम टाण्डा बरूड़ के रामचन्द्र कुमरावत आवास योजना में कुटीर दिलाने व लिस्ट में नाम के लिए ग्राम पंचायत सचिव द्वारा रूपये मांगने की शिकायत लेकर आये थे। रामचन्द्र कहना है कि जिनके घर खेती बाड़ी व लाखों रुपये की फसल ले रहे हैं, उन्हें आवास योजना का लाभ दिया गया। लेकिन जो व्यक्ति बीपीएल राशन कार्डधारी है, उन्हें आवास योजना का लाभ नहीं दिया गया है। पंचायत सचिव विनोद भगोरे द्वारा अपात्र व्यक्तियों को योजना लाभ दिया गया। रामचंद्र ने पंचायत सचिव की जांच एवं पात्र-अपात्र की पहचान कर उचित कार्यवाही की मांग की है।
कोठा खुर्द की बुजुर्ग महिला राधई बाई ने आर्थिक सहायता और घर में बिजली की व्यवस्था की मांग की है। बुजुर्ग राधई बाई का कहना है कि वह अकेली रहती हैं, मांगकर गुजारा करती हैं और पिछले 25 वर्षों से उनके घर में बिजली नहीं है। बीमारी और एक्सिडेंट के कारण अब वह चलने-फिरने में भी असमर्थ हैं। उन्हें केवल 600 रुपये की वृद्धावस्था पेंशन मिलती है। राधई ने सरपंच और सचिव से भी गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब उन्होंने प्रशासन से मदद की अपील की है।
जनसुनवाई में भीकनगांव की राठौर कॉलोनी निवासी धीरज पिता मुकेश पंवार अधार कार्ड में आ रही समस्या का निराकरण कर उसे अपडेट कराने की मांग लेकर आया था। धीरज का कहना है कि पिछले 3 वर्षों से उनके आधार कार्ड में फिंगरप्रिंट नहीं आने के कारण आधार अपडेट नहीं हो पा रहा है। इस वजह से उन्हें विद्यालय की ऑनलाइन फॉर्म भरने, राशन कार्ड की दुकान पर लाभ लेने और अन्य शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अतः धीरन के आधार अपडेट की समस्या का निराकरण किया जाए, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
महेश्वर तहसील के बड़दिया ग्राम पंचायत मोहद देवेन्द्र राजपूत मांग लेकर आये थे कि उनके पिता अमरसिंह राजपूत का निधन 4 अक्टूबर 2022 को हो गया था। वारिस के रूप में कृषि भूमि अब उनकी माता लक्ष्मीबाई और उनके नाम पर है। लक्ष्मीबाई को तो किसान सम्मान निधि मिलना शुरू हो गई है, लेकिन मुझे अब तक प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पाया है। अतः देवेन्द्र को भी शासन की ओर से किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाया जाए। इस संबंध में महेश्वर तहसीलदार का आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है।